Indian Smartphone Brands के असफल होने का 6 बड़ा कारण

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हम सभी ने Micromax, Lava, Xolo, Karbonn, Spice और Intex का नाम जरुर सुना होगा| लेकिन आज के समय में आपको ये सब Smartphone Companies देखने को नहीं मिलता होगा|

ये सब Companies 2014 से पहले बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे है या फिर ये कहे की ये Companies को Smartphone Business में कोई घाटा नहीं होता था, बल्कि अच्छा ख़ासा फायदा होता था|

आज से 4-5 साल पहले Micromax ने Samsung को पछार दिया था और भारत का सबसे बड़ा स्मार्टफोन कंपनी बन गया था| ये समय था 2013 से 2015 के बीच का|

Micromax और Karbonn उस समय का Leading Companies हुवा करता था| और ये Companies कई Cricket Series को भी Sponsor करते थे|

और उस समय भारत में Xiaomi, Oppo और Vivo ने सिर्फ शुरुवात ही किया था| उस समय के प्रमुख कंपनी जिसने भारतीय मार्केट पर अपना पकड़ बनाया था वो Samsung, Micromax और Apple था|

और Chinese companies वैसे देखा जाए तो Economic of Scale के आधार पर काम करता है, इसका मतलब है की वे लाखो स्मार्टफोन को Manufacture करते है, और जिससे उनका Manufacture करने का खर्चा कम हो जाता है| यही वजह है की Chinese Companies अपने स्मार्टफोन को कम कीमत में बेचते है|

आज हम इस पोस्ट में जानते है की Indian Smartphone Companies के साथ क्या हुवा| आखिर क्यूँ उन्हें अपने Smartphones के Business को अलविदा कहना पड़ा| यहाँ 6 कारण बताया गया है जिसके वजह से Indian Smartphone Companies को अपना ये Business छोड़ना पड़ा|

1. INNOVATION

Indian Smartphone Companies ने Smartphones में कोई सुधार नहीं किया, जो Chinese Smartphone Companies लगातार कर रहे है|

Micromax, Lava और Karbonn के पास उस समय पर्याप्त पैसा था जिसका उपयोग वे Manufactring plants, Research और Development में कर सकते थे|

वे अपना खुद का Software Companies बना सकते थे जिससे Inbuilt Innovative Features में सुधार किया जा सकता था|

लेकिन इन Companies ने ऐसा कुछ भी नहीं किया|

2. Focusing on PROFITS only

ज्यादातर Indian smartphone brands का एक स्मार्टफोन में 20-30% profit margin था और ये Chinese Smartphone Companies के मुकाबले बहुत ज्यादा था|

Indian Smartphone Companies ये चाहते थे की जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाया जा सके| लेकिन ये आईडिया पूरी तरह से असफल हुवा|

Xiaomi अभी भी बहुत ही कम Profit कर रहे है क्यूंकि वे चाहते है की Consumers को उनके Products से प्यार हो जाए चाहे उन्हें अपने Smartphone के Business में कम फायदा ही क्यूँ न हो|

सभी Chinese Smartphone Brands सिर्फ 5% के आसपास के Profit Margins पर ऑपरेट कर रहे है|

3. Low Quality Products

Chinese Smartphone Brands जैसे Xiaomi, Oppo, Vivo और OnePlus ने शुरुवात से ही सस्ते कीमत में High-Quality Products देना शुरू कर दिया|

दूसरी तरह Indian Smartphone Companies बड़ा Profit Margin रखकर ज्यादा पैसा कमाना चाहते थे| और साथ में Chinese Brands के मुकाबले Indian Brands का Quality भी काफी ख़राब था|

4. Make in India

Make in India के लिए हम भारत सरकार को कोई दोष नहीं दे सकते है| Make in India के कारण Chinese Companies ने अपना Assembling Plant को भारत में बनाना शुरू किया|

इससे Chinese Companies का Tax और Transportation cost कम हो जाता है|

Indian Brands को ये चीज़ समझ में नहीं आया| उन्होंने अपने Phones को China में Manufacture करने के प्रक्रिया को जारी रखा|

5. Chinese Manufacturing

Indian smartphone brand का एक कड़वी सच्चाई ये है की उनके पास किसी भी तरह का Manufacturing Plant नहीं है|

ये सभी कम्पनीज Chinese manufacturers से फोन खरीदते थे और फिर उसे अपने Company का Brand देते थे और भारत में उन Smartphones को बेचते थे|

6. Reliance Jio 4G

सभी Indian smartphone brands ये उम्मीद कर रहे थे की 4G भारत में 2018 तक आएगा|

लेकिन JIO ने 2016 से ही अपने 4G Network को देशभर में फैलाना शुरू कर दिया|

Indian Smartphone Companies 4G के लिए तैयार नहीं थे| और कोई बड़ा फैसला लेने से पहले Xiaomi, Oppo, Vivo और OnePlus ने इस 4G Market को Capture करना शुरू कर लिया|