Super Amoled Display क्या है और कितने प्रकार के होते है?

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Super Amoled का Full Form होता है Super-active-matrix organic light-emitting diode| ये बस एक Marketing Term है जिसका मतलब है की किसी Electronic Device में किस तरह का Display Technology का उपयोग किया जा रहा है| इसका मतलब ये है कि Super Amoled, Oled और Amoled का Advanced Version है|

Super-AMOLED के क्या फायदे है?

Amoled और Super Amoled का सिर्फ नाम ही एक जैसा नहीं है बल्कि ये दोनों काम भी एक जैसा ही करता है| हकीकत में Amoled और Super Amoled हर चीज़ में एक जैसा ही है, लेकिन सिर्फ एक ऐसा चीज़ है जिसमे ये एक जैसा नहीं है और वोही अंतर है इन दो Display Technology में|

जो Touch Sensor का उपयोग किया जाता है वो इन दोनों Display में एक जैसा ही है| वो Layer जो Touch को Detect करता है जिसे (digitizer या capacitive touchscreen layer) भी कहा जाता है, वो सीधे Super Amoled Displays के Screen पर दिया जाता है लेकिन Amoled Display में इसे सीधे Screen पर नहीं दिया जाता है|

इन दो Display Technology में ये कोई बड़ा अंतर नहीं लग रहा है| लेकिन सिर्फ इन Layers के Design के वजह से Super Amoled में कई सारे फायदे है जो Amoled में आपको नहीं मिलता|

1. Device को पतला बनाया जा सकता है क्यूंकि Super Amoled का Display और Touch को Same Layer पर दिया जाता है|

2. Display और Touch को Same Layer दिया जाने के वजह से Display में High Contrast मिलता है और Display काफी Sharp होता है|

3. Screen का Touch काफी Sensitive होता है|

4. Light reflection कम हो जाता है क्यूंकि ज्यादा Layers नहीं होता है जिसके वजह से Outdoors में सूरज के किरणों के सामने भी किसी चीज़ को पढ़ना आसान हो जाता है|

ये सब कारण है की Super Amoled Display को बनाना काफी महंगा होता है| लेकिन अब इसी Technology का भविष्य आने वाला है क्यूंकि अब ज्यादा से ज्यादा Manufacturers अपने TV, Smartphone और अन्य Device में इस Technology का उपयोग करना शुरू कर दिया है|

उदाहरण के तौर पर पहले iPhone में हमेशा से ही LCD Display दिया जाता था| iPhone का LCD Display भी काफी बढ़िया हुवा करता था| मतलब देखा जाए तो iPhone का Display सबसे बढ़िया LCD Display हुवा करता था| Apple ने iPhone1 से लेकर iPhone8 तक LCD का ही उपयोग किया|

लेकिन iPhone का LCD Display कितना ही बढ़िया क्यूँ न हो लेकिन Amoled के सामने ये थोडा फीका पड़ जाता था| उसके बाद iPhone को अपनी गलती समझ में आया और iPhone X Models में उन्होंने पहली बाद अपने फोन में Amoled Display का उपयोग किया| इससे ये Proof होता है की Amoled Display ही ज्यादा बढ़िया है|

और सिर्फ iPhone ही नहीं कई अन्य बड़े Smartphone Companies जैसे Vivo, Oneplus अपने फोन में Amoled Display का उपयोग कर रहे है|

Note: यहाँ पर हम Super Amoled और LCD को Compare नहीं कर रहे है, बल्कि बस ये बता रहे है की Super Amoled किस तरीके से सबसे बेहतर Display Technology है|

Amoled Display का क्या नुक्सान है?

1. Organic Materials जल्दी से ख़तम होता है, इसलिए Amoled का Power, LED और LCD के मुकाबले जल्दी से कम हो जाता है| और इस Materials को बनाने में जो Colors का उपयोग होता है उसका जीवनकाल कम होता है जिससे Display का Colors जल्द ही फीका पड़ने लगता है|

2. इस Display का जो Blue Colors होता है वो जल्दी ही ख़तम होने लगता है जिसके वजह से सारा भार Red और Green Colors पर पड़ता है| इसका प्रभाव उन Display पर नहीं पड़ता है जिसमे Pixels काफी ज्यादा होता है|

Super Amoled Displays के प्रकार

कुछ Manufacturers अपने Device में Super Amoled Displays का अलग तरीके से उपयोग करता है| जैसे की Super Amoled Display को Samsung अपने Device में देता है जिसका Resolution 1280×720 है या उससे ज्यादा है| Motorola अपने Device में Super-AMOLED Advanced का उपयोग करता है जिसका मतलब है की इनका Display Super-AMOLED screens से ज्यादा Resolution का होता है और ज्यादा Brighter भी होता है| इन Displays में Pentile नाम के Technology का उपयोग किया जाता है जिससे Pixels को Sharp किया जा सकता है| और कुछ अन्य Displays है- Super-AMOLED Plus, HD Super-AMOLED Plus, Full HD Super-AMOLED, और Quad HD Super-AMOLED इत्यादि|

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