Li-Fi क्या है और कितना शक्तिशाली है?

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सोचिए अगर ऐसा हो की आप Light Bulb से किसी Movies को Download कर पाए| Li-Fi का मतलब है Light fidelity technology, और ये एक ऐसा Wireless Technology है जिससे आप ये कर पाएंगे| Li-Fi में high-speed data communication देने के लिए infrared और visible light spectrum दोनों का उपयोग किया जाता है| जैसे की Wi-Fi किसी जानकारी को भेजने के लिए Radio Signals का उपयोग करता है, लेकिन Li-Fi Data को Transmit करने के लिए Light Emitting Diodes (LED light bulbs) के Network का उपयोग करता है|

Li-Fi क्या है?

हालाकि Li-Fi का नाम आपको सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा, लेकिन आप Li-Fi technology का उपयोग करते है जब आप अपना television remote को Click करते है| Li-Fi शब्द का उपयोग पहली बार University of Edinburgh के Professor, Harald Haas ने सन 2011 किया था| उन्होंने पूछा की क्या होगा अगर दुनिया का सभी Light Bulb, Data भी संचारित कर पाए? उन्होंने वहां ये भी समझाया की कैसे एक Single LED के Light से Cellular Tower से भी ज्यादा Data को सुरक्षित तरीके से संचार किया जा सकेगा| Harald Haas ने Li-Fi technology को Develop करने के लिए एक Company भी बनाया जिसका नाम PureLifi है| इनका मकसद था ऐसा Plug-and-play system बनाना जो USB Devices के साथ काम करे|

5G का इसमें क्या सम्बन्ध है?

अगर आपको पता नहीं तो बता दे की 5G Internet का मेन फोकस speed पर है| सभी लोगो का मानना है की 5G हर मामले में काफी तेज़ होगा| आपका फोन में फेसबुक या रेडिट का उपयोग करते समय आपको speed में ज्यादा अंतर नहीं दिखेगा| हाँ लेकिन Processing Power के मामले में आपको एक अलग अनुभव मिलेगा| आप जब कोई Movie या Music File डाउनलोड करेंगे तब आपको बहुत बड़ा अंतर दिखेगा 4G के तुलना में|

5G वो नाम है जो cellular mobile connections के Latest Version को दिया गया है जो 4G (LTE/WiMax), 3G (UMTS) और 2G (GSM) systems से बढ़िया Performance Speed प्रदान करेगा| 5G wireless devices, Data को Radio Waves के जरिए से संचार करता है जिसमे local antenna array और low power automated transceiver होता है| Local Antenna काफी high bandwidth के साथ telephone network और internet से Connect होता है|

5G को 4G के मुकाबले 100 गुणा ज्यादा तेज़ माना जाता है| Performance में इतना सुधार higher invisible radio waves के वजह से हुवा है| और 4G, 3G, और 2G networks कम Frequencies का उपयोग करता है| 5G और पिछले Network के विपरीत Li-Fi, Radio Waves को visible spectrum में उपयोग करता है, जो ज्यादा तेज़ होता है और इसमें ज्यादा Bandwidth होता है|

Li-Fi Technology कितना शक्तिशाली है?

Li-Fi, Data को 1GB per second के Speed से Transmit करता है, जो Wi-Fi के मुकाबले 100 गुणा ज्यादा तेज़ है| Infrared और Visible light spectrum का उपयोग करके Li-Fi एक 300 GHz के Radio Frequency Spectrum से साइज़ में कम से कम 2600 गुणा बड़ा है|

इसके विपरीत Wi-Fi में सिमित संख्या में radio frequency bands उपलब्द है| ये जरुरी है क्यूंकि businesses purchase wireless gadgets, Internet of Things (IOT) के भरोसे ही है|

The Internet of Things जिसे IoT के नाम से भी जाना जाता है, इसका मतलब है की कैसे सभी Devices एक दुसरे के साथ Connected है| अगर आपके घर में Smart Light है या Smart Fridge है तो आप IOT का इस्तेमाल कर रहे हो|

Band का संख्या Limited मात्रा में है तो आज के समय में Demand के बढ़ जाने के वजह से Data को Move करना काफी मुश्किल हो गया है| कुछ Sources ये बताते है की 2020 तक 50 अरब Devices होंगे जो पूरी दुनिया के साथ हमेशा Connected होगा| 5G को बहुत ज्यादा Radio Spectrum का जरुरत पड़ता है| तो 5G में होने वाले इस Demands को Li-Fi में भेज देने से Radio Spectrum थोड़ा कम हो जाता है, जिससे दुनिया के बढ़ते Internet Traffic को संभाला जा सके|

Li-Fi Technology को हमेशा किसी Light Source का जरुरत पड़ता ही है

Li-Fi को काम करने के लिए Light हमेशा On रहना चाहिए| Li-Fi को पूरा Clear Line चाहिए ठीक आपके TV Remote जैसे ही| आपके डिवाइस को Li-Fi ट्रांसमीटर के साथ हमेशा एक स्पष्ट मार्ग की आवश्यकता होगी, तो आप अपना Mobile लेकर कहीं बाहर जाएंगे तो इसका Connection मिलना थोड़ा मुश्किल हो जाएगा|

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