5 कारण जिससे iPhone को Android से ज्यादा सुरक्षित माना जाता है

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जब कोई व्यक्ति स्मार्टफोन खरीदता है, तो स्मार्टफोन के सुरक्षा के बारे में ज्यादा ध्यान नहीं देते है| लोग स्मार्टफोन का Apps, उपयोग करने में आसान होना, कीमत और Design ये सब ही देखते है| लेकिन अभी लोगो का बहुत ही ज्यादा Personal Data उनके फोन में ही होता है, तो इसलिए स्मार्टफोन का सुरक्षा अभी सबसे ज्यादा जरुरी है| IOS vs Android difference in hindi?

स्मार्टफोन का सुरक्षा इस पर निर्भर है की स्मार्टफोन का Operating System को किस तरीके से बनाया गया है| और अलग अलग स्मार्टफोन अलग अलग तरीको का सुरक्षा प्रदान करता है|

अगर आपको एक सुरक्षित फोन चाहिए और आप अपने Personal Data को Personal रखना चाहते है, तो आपके पास सिर्फ एक ही विकल्प है iPhone. निचे हम 5 कारण बताएँगे की क्यूँ iPhone को Android से ज्यादा सुरक्षित माना जाता है|

1. Market Share

Operating System के Security के मामले में Market Share एक अहम् भूमिका निभाते है| ऐसा इसलिए क्यूंकि virus writers, hackers, और cybercriminals ये चाहते है की उन चीजों पर Attack किया जाए जो बहुत ही ज्यादा पोपुलर है और उस प्लेटफार्म का बहुत ज्यादा उपयोग किया जाता है| इसलिए Desktop में Windows सबसे ज्यादा Attack किया जाने वाला Operating System है|

स्मार्टफोन के मामले में Android का दुनिया में सबसे ज्यादा Market Share है- 85% के आसपास Mobile में Android Operating System है| इसके वजह से Hackers और Criminals का स्मार्टफोन के मामले में सबसे बड़ा टारगेट Android ही होता है|

अगर Android में दुनिया का सबसे बढ़िया सुरक्षा भी दे दिया जाए तब भी GOOGLE और उनके hardware partners के लिए सभी Virus से लड़ना, सभी Digital Scams को रोकना नामुमकिन है|

तो Market Share होना एक बढ़िया बात है लेकिन बात जब सुरक्षा का आता है तो ये उतना अच्छा नहीं है| सुरक्षा के मामले में कम Market Share होना ही बढ़िया है|

2. Viruses और Malware

ये बात सही है की Hackers के लिए सबसे बड़ा Target Android ही है, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है की Android में ही सबसे ज्यादा Virus, Hacks और Malware Attacks होगा|

एक Study, के हिसाब से स्मार्टफोन में जितने भी Malware Attacks होता है उनमे से 97% Android पर ही होता है|

कुछ Malware iPhone को भी Target करता है, लेकिन ये 1% से भी कम है| और Nokia के Symbian platform पर 3% Attack होता है| लेकिन ट्रेंड ये है Android को ही सबसे ज्यादा Target किया जाता है|

3. Sandboxing

अगर आप Programmer नहीं है तो ये थोड़ा Complex हो सकता है लेकिन ये बहुत जरुरी है| Apple और Google अपने Operating System को अलग अलग तरीके से Design करता है| और इन दोनों का Security System भी काफी अलग है|

Apple अपने Operating System में Sandboxing नाम का एक तकनीक का उपयोग करता है जहाँ पर हर एक App अपना खुद का Sandbox पर चलता है| और ये वही चीज़ करता है जिसका इसे जरुरत पड़ता है और Operating System के साथ कोई एक App किसी दुसरे App के साथ Interact नहीं करता है| इसका मतलब अगर किसी App में कोई Virus आ भी जाए, तो वो Attacks Sandbox के बाहर नहीं निकल पाता है और ज्यादा नुक्सान नहीं करता है|

दुसरे तरफ Google का Android Operating System ज्यादा Flexible बनाया जाता है| इससे Users और Developers को बहुत फायदा होता है, लेकिन इससे ये भी होता है की इस प्लेटफार्म में Attack करना आसान हो जाता है| यहाँ तक की Google Android Team के Head ने भी ये माना की Android कम सुरक्षित है| वे कहते है-

” हम इसका कोई Guarantee नहीं लेते है की Android सुरक्षित है, इस प्लेटफार्म को ज्यादा आज़ादी देने के लिए Design किया गया है| अगर मेरा Malware से सम्बंधित कोई कंपनी होता, तो मै भी Android पर ही Attack करता”|

4. Apps

एक और जगह जहाँ पर सुरक्षा से सम्बंधित मुद्दा खड़ा होता है, और वो है इन दोनों Platform का AppStores में| फोन सुरक्षित रहता है अगर उसमे Virus न आए और उसमे Attack न हो| लेकिन क्या होगा अगर कोई Virus या Attack App में ही छुपा हुवा है और आपको वो दिख भी रहा है लेकिन आपको पता नहीं चल रहा है| इन परिस्थिति में आप बिना जाने ही किसी Security Threat को अपने फोन में Install किए है|

ये किसी भी Platform में हो सकता है, लेकिन iPhone में ऐसा होने का संभावना बहुत ही कम है| क्यूंकि Apple App Store में जो भी Apps Submit होता है उसे Apple अच्छे से जाँच करता है, तब जाकर उसके बाद ही पब्लिश करता है| इसलिए बहुत ही कम Malicious apps को Apple AppStore में आजतक पाया गया है|

Google playstore में जो App को Submit किया जाता है उसे Google बहुत कम जाँच करता है| आप कोई Apps को Google playstore में Submit करते है तो ये कुछ ही घंटो में Users के लिए उपलब्द हो जाता है लेकिन Apple Appstore में Users के लिए App उपलब्द होने में 2 हफ्ते तक का समय लगता है|

5. Facial Recognition

दोनों Platform में एक जैसा ही Security Features मौजूद है| लेकिन Android किसी भी Feature को सबसे पहले प्रदान करना चाहते है और iPhone पहले ना सही लेकिन सबसे बेहतर देना चाहते है| Facial Recognition में भी यही चीज़ हुवा है|

Samsung और Apple दोनों अपने Phones में Facial Recognition का Features देता है जिससे फोन को Unlock किया जाता है और Samsung Pay और Apple Pay के Payment में भी ये काम आता है|

Security researchers ने ये दिखाया की Samsung के इस System को ब्रेक किया जा सकता है| Samsung अपने फोन के Feature में एक Disclaimer भी प्रदान करता है जिसमे वे Users को चेतावनी देते है की Facial Recognition, Fingerprint Scanner जितना सुरक्षित नहीं है|

लेकिन Apple में ये System काफी शक्तिशाली है| Apple अपने Users को तब भी पहचान लेता है जब आपके चेहरे पर दाढ़ी आ जाए या फिर आप Glass पहन ले| मतलब Apple का Facial Recognition को Android से कई ज्यादा सुरक्षित माना जाता है|